
जब शरीर में कैल्शियम की कमी होती है, तो इस स्थिति को मेडिकल टर्म में हाइपोकैल्सीमिया कहा जाता है. बच्चे भी हाइपोकैल्सीमिया का शिकार हो सकते हैं, जिसे कुछ बातों का पालन करने से ठीक किया जा सकता है.
विटामिन डी बालों की हेल्थ में भी अहम योगदान देता है. जब ये विटामिन शरीर से कम होने लगता है तो बाल झड़ने शुरू हो जाते हैं.
यदि आपके शरीर में कैल्शियम का स्तर हद से ज़्यादा गिर गया है और वह किसी भी प्रकार से संतुलित नहीं हो पा रहा है तो ऐसे में डॉक्टर आपकी मदद कर सकता है।
mere jangho me dard jise 1se 2 saal ho gaye hai x ray karane par bhi kuch pata nahi chala,dard itna jyada hai ki mai chal nahi pata plz iska koi ilaj bataiye
राजीव दीक्षित के घरेलू नुस्खे और देसी आयुर्वेदिक उपचार इन हिंदी
हालांकि लीवर में इन्फेक्शन के कारण भी ऐसा होता है.
डिजॉर्ज सिंड्रोम, यह एक जेनेटिक डिसऑर्डर है.
कार्डियोवैस्कुलर डिजीज से बचाए – कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा लेने पर ह्दय रोगों और उच्च रक्तचाप की आशंका कम होती है। हमारा नर्वस सिस्टम ह्दय और रक्त वाहिकाओं को आपस में जोड़े check here रखता है। कैल्शियम की कमी से दिल संबंधित परेशानियां और उच्च रक्तचाप हो सकता है।
हमारा आपको डराने का बिलकुल भी इरादा नहीं है बल्कि हम आपको जागरूक करना चाहते हैं। आइए अब बात करते हैं कि कैल्शियम की कमी को किस तरह दूर किया जा सकता है।
बच्चों के शरीर में कैल्शियम के स्तर की जांच करने के लिए ब्लड टेस्ट किया जा सकता है.
रोजाना कैल्शियम की कितनी मात्रा का सेवन करना चाहिए?
कैफीन , शराब तथा सोडियम ( नमक ) आदि कैल्शियम के अवशोषण में रूकावट बनते है तथा ये कैल्शियम का शरीर से निकलना बढ़ा भी सकते है । इनके अधिक उपयोग से कैल्शियम की कमी हो सकती है।
कुछ मामलों में, आपका डॉक्टर सुझा सकता है:
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