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सफेद मूसली कैप्सूल और पाउडर, दोनों में क्या बेहतर है?
सागौन, पापुलर अथवा पपीते के साथ अंर्तवर्तीय फसल के रूप में मूसली की खेती
इस सब्जी को लेने के बाद कई मामलों में एलर्जी संबंधी प्रतिक्रियाएं दर्ज की गई हैं। सबसे आम एलर्जी प्रतिक्रियाओं में शामिल हैं: आँख की सूजन
सफेद मूसली एक अति महत्वपूर्ण है। औषधि के रूप में सफेद मुसली का कंद प्रयोग किया जाता है। यह एक ऐसी जड़ी-बूटी मानी
लेकिन डायबिटीज के मरीजों के लिए सफेद चावल को जहर माना गया है, क्योंकि ये शुगर का लेवल बढ़ा सकता है.
जड़ीबूटी गिलोय का काढ़ा पीने के फायदे और नुकसान...
यह मधुमेह और उच्च रक्तचाप के रोगियों के लिए फायदेमंद होती है।
यह नपुंसकता को दूर करती है और वीर्य का उत्पादन कर वीर्य की गुणवत्ता सुधारने में सहायक होती है। एक से डेढ़ चम्मच मूसली पाक को गाय के दूध में मिलाकर दिन में २ बार पीना चाहिए। नपुंसकता का खतरा खत्म हो जाता है।
यह मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने और तनाव और अवसाद का सामना करने में मदद करता है।
भारत में वर्षाें से आयुर्वेदिक और हर्बल चीजों का इस्तेमाल किया जा रहा है। भले ही आज कई लोग अंग्रेजी दवाओं और इलाज पर निर्भर हों, फिर भी कभी न कभी आयुर्वेद का सहारा जरूर लेते हैं। आयुर्वेद में कई प्रकार की जड़ी बूटियां हैं और उन्हीं में से एक है सफेद मूसली पौधा। आयुर्वेद में सफेद मूसली का प्रयोग सेहत के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। इसमें have a peek at this web-site पाए जाने वाले गुण स्वास्थ्य के लिए कई प्रकार से फायदेमंद हो सकते है। स्टाइलक्रेज के इस आर्टिकल में हम इस औषधीय पौधे सफेद मूसली के फायदे के बारे में बता रहे हैं। साथ ही इसके उपयोग और इससे होने वाले नुकसान पर प्रकाश डालेंगे।
सफेद मूसली उन डायबिटिक लोगों के लिए ज्यादा फायदेमंद होती है जो पतले या कम बजन बाले होते है। यह मोटे लोगों के लिए कम प्रभावी होता है। पतले और कमजोर डायबिटिक लोगों को प्रतिदिन आधा चम्मच सफेद मूसली पाउड़र दूध के साथ लेना चाहिए। यह उनके खून में चीनी की मात्रा को नियंत्रित करने में मदद करता है। (और पढ़े – शुगर ,मधुमेह लक्षण, कारण, निदान और बचाव के उपाय)
हां, सफेद मूसली चूर्ण को दूध के साथ ले सकते हैं।
यह पचने में भारी है और अधिक मात्रा में यह भूख मार सकती है।